वैवाहिक जीवन-एक सच के टॉक शो के आयोजनकर्ता ने की व्यंग्यात्मक टिप्पणी

By socialnewslive.in Jan12,2020

सोशल न्यूज़ लाइव:  पावर ऑफ वॉइस सीजन 2 में “एक सच वैवाहिक जीवन” विषय पर टॉक शो आयोजित किया गया। इस टॉक शो के आयोजनकर्ता श्री एस के यादव ने बताया कि वैवाहिक जीवन पर अपने शब्दों से काफी व्यंग्य करते हुए चुटकी ली ! अपनी बातों को उन्होंने अपने लफ़्ज़ों में कुछ इस तरह व्यक्त किया –

करे आपकी सेवा–एक प्यारी सी नारी !

सेवा के बदले जिसकी–उठायें आप जिम्मेदारी !!

जिम्मेदारी के साथ हैं करते–हम उसका पालन पोषण !

और वह करती रहती–ज़िन्दगी भर हमारा ही शोषण !!

तो शोषण–पोषण के इस रिश्ते– का ही नाम है शादी !

कहते जहाँ से शुरू करो–शुरू वहां से बरबादी !!

बर्बादी के लिए तो वैसे–तरीके बहुत अनेक हैं !

पर विवाह ही सबसे श्रेष्ठतम–विवाह ही सबमें नेक है !!

नेक इतना कि बनवाना पड़े–जब उनके लिए नैक–लेस !

नोटबंदी के बाद दूसरी स्थिति–जब घर हो जाता कैश–लेस !!

कैशलेस के साथ ही अब वो–दौडाए सुहागरात तक !

रात में कैसी बिगड़ी गत–खबर न दिखाई आज तक !!

आज तक विवाह से पूर्व–दिल ये नए तराने गाता था !

कभी रानी तो कभी ऐश्वर्या का–चेहरा सपनों में आता था !!

चेहरा सपनों में तो सहपाठी–बालिकाएं भी आती थीं !

मधुर–सपनों में मधुर गीत–तूं दिया मैं बाती गातीं थीं !!

बाती की जगह शादी कर–जिन्दगी में अगरबत्ती लगा ली !

घर वालों ने माचिस दी–ससुरालियों ने सुलगा दी !!

जिंदगी की हर साँस अब–इसी खुशबु से से फटेगी !

दिन जैसे–तैसे गुजरेंगे–पर रात अब ना कटेगी !!

काटने की बजाय–उधेड़े बुने– जायेंगे रिश्तों के धागे !

जितना दूर तुम जाओगे–आयेंगे पीछे भागे भागे !!

भागते भागते इस तरह–तुम बनोगे दादा वाइफ दादी !

अब तो समझ आ गया होगा–क्या बला है ये शादी !!

दिल क्या करे जब किसी को किसी से प्यार हो जाये !

हादसों की दुनिया में वही प्यार, जब गले का हार हो जाये !!

तुम्हारी आहट सुनकर ही प्रिये, अब दिल मेरा क्यों घबराने लगा !

शादी का खुमार है उतर चुका, जिंदगी झंड है समझ आने लगा !!

मुकद्दस मुकद्दर लगता था, जो आपकी फरमाईश का फरमान होता था !

ख्यालो–खवाबों को पूरा करता, मैं सिकंदर महान होता था !!

तेरी झूठी–बातों पर जब, मेरी झूठी कसमें खायीं जाती थीं !

मेरी तीसों दिन की कमाई, बस तुझपे ही लुटाई जाती थी !!

अब जाकर समझ आया है ये, कितनी सच्चाई है लोगों के कहने में !

आकर्षण सी लगती शादी–शुदा जिंदगी, रुसवाई है इस दर्द को सहने में !!

—————एस के यादव जी की कलम से

एक प्रोफेशनल स्पीकर और एक लेखक के रूप में यादव जी द्वारा पहले भी काफी सारी कृतियाँ सोशल मीडिया और पत्रिकाओं की सुर्खियाँ बनीं हैं ! और अब वक्ताओं की बात को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से एस के यादव जी द्वारा “पॉवर ऑफ़ वौइस्- द टॉक शो विद एस के यादव” नामक एक मंच साँझा किया गया है जो वक्ताओं के मन को लुभा रहा है !

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *